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पाकिस्तान में इस हिंदू राजपूत परिवार के सामने सर झुकाते है मुसलमान !

पाकिस्तान में हिंदुओं पर काफी अत्याचार होते रहते हैं. हर दिन आतंकी हमलों में कई हिंदुओं को लक्ष्य बनाया जाता हैं. हिंदुओं को पाकिस्तान से हटाना आतंकियों का एक बड़ा मकसद हैं.

पाकिस्तान में अब भी एक राजपूत रॉयल परिवार रहता हैं जिसकी रक्षा वहां के मुसलमान लोग ही करते हैं. पूरे पाकिस्तान में इसकी चर्चा हैं. इस रॉयल परिवार के प्रमुख हमीर सिंह हैं और इनके पिता चंदपाल सिंह हैं जो पाकिस्तान से 7 बार सांसद रह चूके हैं और मंत्री भी रह चुके हैं.

चंदपाल सिंह ने अपनी खुदकी पार्टी भी बनाई जिसका नाम पाकिस्तान हिंदू पार्टी रखा.

इस परिवार को राजा का दर्जा हासिल हैं और इस वजह से मुसलमान यहां इस परिवार की रक्षा करते हैं.

इस परिवार की रक्षा एके 47 राईफल से की जाती हैं जिससे आतंकी इस परिवार को अपना निशाना साधने से ड़रे.

ये विडियो देखे :-

खुलासा: रबीन्द्रनाथ टैगोर ने ख़राब चलन के लिए इंदिरा ग़ांधी को विश्वविद्यालय से निकाल दिया था

आज तक आपने कभी इंदिरा गांधी के जीवनकाल में झाँकने की कोशिश की है? आपने यदि ऐसा किया होता तो आप गांधी परिवार का पूरा सच जान चुके होते. किन्तु देश ने बड़े उम्मीदों के साथ एक महिला को प्रधानमंत्री चुना था लेकिन वह शायद इस पद के लायक ही नहीं थीं.

जिस तरह से इंदिरा गांधी ने देश को आपातकाल दिया और कई दंगों में अपनी चुनावी रोटियाँ बनाई थीं, शायद उसे आप नहीं जानते हैं. आज हम आपको इंदिरा गांधी के मेमुना बेगम बनने तक के सफ़र पर लेकर जायेंगे और साथ ही साथ यह बतायेंगे कि कैसे रवीन्द्रनाथ टैगौर ने इंदिरा को उनके खराब आचरण के चलते अपने विश्वविद्यालय से निकाल दिया था-

अगली स्लाइड में जाने शांतिनिकेतन विश्वविद्यालय में जर्मन टीचर से प्रेम संबंध

इस हिन्दू सम्राट ने अरबों को इस तरह खदेड़ा कि 400 साल तक भारत की ओर नहीं मुड़े थे अरब !

अन्य राष्ट्रों समेत हिन्दू बहुल भारत की धरती पर हिन्दुओ के “इतिहास” के साथ हमेशा अन्याय किया गया हैं। न जाने, हिन्दुओं का इतिहास मिटाने और छिपाने के कितने ही प्रयास किये गए। मगर सच कभी छिपता नहीं!
महाराणा प्रताप, वीर शिवाजी, पुष्यमित्र शुंग, राजा दाहिर के नाम तो अक्सर सुनने को मिल जाते हैं, मगर वीर बप्पा रावल के नाम को शायद ही कोई जनता हो!

बप्पा रावल एक ऐसे हिन्दू सम्राट रहे हैं, जिनके नाम भर मात्र से दुश्मनों के हाथ पाँव ठन्डे पड़ जाते थे। जब भारत पर 734 ईसवी में अरबों ने आक्रमण किया, तब राजस्थान में एक ऐसा योद्धा पैदा हुए जिन्होंने उन्हें मार मार के वापस उनके देश तक खदेड़ा था। उन्होंने अरबी, तुर्क और फारसी मुस्लिमों के दिल में इतनी दहशत भर दी थी कि मुसलमानों ने अगले 400 साल तक हिंदुस्तान की ओर आँख उठा के नहीं देखा। ऐसे योद्धा थे मेवाड़ वंश के संथापक, कालभोज के राजकुमार ‘बाप्पा रावल’! साथ ही शिव के एकलिंग रूप के भक्त और चितौड़ के किले के निर्माता!

अगली स्लाइड में देखिये कैसा था बाप्पा रावल का खौफ..

इस लड़की के सुरों को सुनकर आपके आंखों में आंसू आ जायेंगे !

पाकिस्तान हमेशा ये चाहता आ रहा हैं कि कश्मीर पाकिस्तान को मिले l लेकिन हिंदुस्तान ऐसा कभी नहीं होने देगा और हिंदुस्तानी आर्मी कश्मीर को हमेशा हिंदुस्तान में रखेगी l
कश्मीर इस पूरे विश्व में काफी खूबसूरत जगह हैं l कश्मीर को लेकर पाकिस्तान हमेशा हिंदुस्तान से लड़ाई करता हैं l

हिंदुस्तान और हिंदुस्तानी सेना ने हमेशा पाकिस्तान को कश्मीर के मुद्दे पर मात दी हैं l
हिंदुस्तानी सेना हमेशा एक गाना गाती हैं जिसमे हिंदुस्तानी जवान कहते हैं कि, कश्मीर तो होगा लेकिन पाकिस्तान नहीं होगा l
इसका मतलब ये हैं कि कश्मीर जैसा हैं वैसा रहेगा लेकिन पाकिस्तान नहीं l

आगे देखें विडियो 

बंगाल में सेना की तैनाती रक्षा मंत्री ने दिया जवाब ममता को !

पश्चिम बंगाल में टोल प्लाजा पर सेना की तैनाती और नोटबंदी को लेकर विपक्ष ने शुक्रवार को लोकसभा में हंगामा किया।

इसी मामले में मेजर जनरल सुनील यादव ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के आरोपो को खारिज किया। इसी से जुड़े कई दस्तावेज भी सामने आए हैं जो ममता बनर्जी के आरोपों को साफ रूप से खंडित कर रहे हैं।

उधर लोकसभा की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने पश्चिम बंगाल में सेना की तैनाती का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को इस मामले में अंधेरे में रखा गया।

नीचे देखें ममता बनर्जी के आरोपों पर सेना का पलटवार, मनोहर पारीकर ने उड़ायीं धज्जियाँ (वीडियो)

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने यह कहते हुए तृणमूल नेता के दावे का खंडन किया और कहा कि यह नियमित अभ्यास था और ऐसा पिछले कई वर्षो से किया जाता रहा है।

उन्होंने कहा कि पिछले साल 19 और 21 नवंबर को पश्चिम बंगाल में सैन्य अभ्यास किया गया था। लेकिन इस बार विपक्ष राजनीति से प्रेरित होकर अनर्गल प्रलाप कर रहा है। पर्रिकर ने कहा कि सेना ने संबंधित अधिकारियों को इस साल भी सूचित किया था। मूल तारीखें 28, 29 और 30 दिसंबर थी जिनको बाद में बदलकर 1 और 2 दिसंबर कर दिया गया। इससे पहले सदन ने भोपाल गैस त्रासदी के 32 साल पूरे होने पर पीड़ितों के प्रति संवेदना प्रकट की।

वहीं इसी मामले में मेजर जनरल सुनील यादव ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के आरोपो को खारिज करते हुए कहा कि पिछले साल भी यहां पर अभ्यास किया गया था। स्थानीय प्रशासन को इस बात की जानकारी थी। कोलकाता पुलिस के साथ ये अभ्यास किया जा चुका है।

सेना की ओर से कहा गया है नॉर्थ ईस्‍ट में कई जगहों पर एक्‍सरसाइज चल रही है। इनमें असम के 18, अरुणाचल प्रदेश के 13, पश्चिम बंगाल के 19, मणिपुर के छह, नागालैंड और मेघालय के पांच-पांच, त्रिपुरा और मिजोरम के एक एक जिले शामिल हैं। मेजर जनरल सुनील यादव ने कहा कि यह बातें कि सेना टोल नाकों पर लोगों से पैसे इकट्ठा कर रही है पूरी तरह से निराधार हैं।

नीचे जानें संसद में सुबह से हुई इस बात पर ये बदतमीजी

लोकसभा की कार्यवाही को हंगामे के बाद सोमवार तक स्थगित कर दिया गया।

नोट बंदी को लेकर राज्यसभा में विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया जिसके बाद सभापति ने सदन कार्यवाही 2:30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी जबकि लोकसभा की कार्यवाही हंगामे के बीच जारी है।

विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित।

राज्यसभा में जेएमएम सांसद संजीव कुमार ने झारखंड में सीएनटी-एसपीटी एक्ट संसोधन का मामला उठाया।

टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर राय ने राज्यसभा में कहा कि इतिहास में ऐसा किसी भी राज्य में नहीं हुआ। केंद्र विपक्ष की आवाज को दबाना चाहता है। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ने ब्रिटिश सत्ता के खिलाफ लड़ाई की अब हम मोदी के अधिनायकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे।

राज्यसभा में रक्षा राज्यमंत्री सुभाष रामराव भामरे ने कहा कि इस संबंध में जानकारी पहले ही उपलब्ध करा दी गई थी। हावड़ा के डीएम को इस संबंध में पत्र भी लिखा गया था।

टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर राय ने राज्यसभा में कहा कि इतिहास में ऐसा किसी भी राज्य में नहीं हुआ। केंद्र विपक्ष की आवाज को दबाना चाहता है। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ने ब्रिटिश सत्ता के खिलाफ लड़ाई की अब हम मोदी के अधिनायकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे।

राज्यसभा में रक्षा राज्यमंत्री सुभाष रामराव भामरे ने कहा कि इस संबंध में जानकारी पहले ही उपलब्ध करा दी गई थी। हावड़ा के डीएम को इस संबंध में पत्र भी लिखा गया था।

राज्य सभा में भी बंगाल में सेना की तैनाती का मामला उठा। कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सेना तैनात करना चिंता का विषय है। इसकी जरूरत क्यों पड़ी? सेना तैनाती पर  सुखेन्दु शेखर राय ने कहा कि बंगाल की जनता इस तानाशाही के खिलाफ लड़ेगी। इस मामले को लेकर बसपा सुप्रीमो ने भी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि राज्य की अनुमति के बिना सेना तैनात करना संघीय ढांचे पर हमला है।

सेना की तैनाती मामले को टीएमसी सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने लोकसभा में उठाया जिसके जवाब में रक्षा मंत्री ने कहा कि यह एक रुटीन अभ्‍यास था लेकिन कुछ लोग इसपर राजनीति कर रहे हैं जो दुखद है। उन्होंने कहा कि पिछले साल भी नवंबर में ऐसा अभ्‍यास किया गया था। सेना के इस्टर्न कमांड ने पश्‍चिम बंगाल सहित नार्थ इस्ट में ऐसा अभ्‍यास किया। इसके पहले यूपी, बिहार और झारखंड में ऐसा अभ्‍यास किया जा चुका है। सेना ने संबंधित अधिकारी को इसके संबंध में अवगत करा दिया था। पुलिस को इसकी जानकारी थी और इसके लिए ज्वाइंट इंसपेक्शन किया गया था। रक्षा मंत्री ने कहा कि यह अभ्‍यास पहले 28-29 व 30 नवंबर को होने वाला था लेकिन 28 के भारत बंद को देखते हुए इसकी तारीख बढा दी गई। रक्षा मंत्री ने कहा कि इसे कुछ लोग पॉलिटिकल फ्रस्ट्रेशन के कारण मुद्दा बना रहे हैं।

पश्‍चिम बंगाल में सेना की तैनाती का मुद्दा लोकसभा में उठा।

संसद की कार्यवाही शुरू , भोपाल गैस त्रासदी में मारे गए लोगों को लोकसभा में दी गई श्रद्धांजलि।

संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री कल राज्यसभा में मौजूद थे, लेकिन कांग्रेस चर्चा को तैयार नहीं थी। इसका साफ मतलब यह है कि वे बहस से भाग रहे हैं। इधर, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि नोटंबदी से बहुत बड़ा सामाजिक और आर्थिक बदलाव होगा। आने वाले वक्त में डिजिटल करेंसी का उपयोग बढेगा।

सेना तैनाती पर वैंकैया नायडू ने कहा कि इसका कोई मतलब नहीं है, ये रूटीन अभ्‍यास है, 3 दिन तक ऐसे ही चलेगा। इसे उन्होंने मुख्य मुद्दों से भटकाने की कोशिश करार दिया।

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा-विपक्ष हर रोज नई मांग करता है। वे तो अब यह भी डिमांड कर सकते हैं कि प्रधानमंत्री एक ही समय पर दोनों सदनों में मौजूद रहें।

पाकिस्तान में “गैर-मुस्लिम” होना क्यों इतना बड़ा गुनाह है, इस मुल्ला से सुन लीजिए

खुद को शांतिप्रिय कहने वाले इस्लाम धर्म की सच्चाई हर बार सामने आ ही जाती है! खुद इस्लाम के नुमाइंदे असलियत बयान कर देते हैं! पाकिस्तान देश जोकि भारत से अलग होने के बाद बस पुरे विश्व में आतंक का ज़हर फैला रहा है! और पूरी दुनिया को इस्लाम का डंका बजाना चाहते हैं! इस्लाम जैसा कट्टर धर्म पूरी दुनिया में और कोई नहीं है, तभी इस धर्म से इतने जिहादी पैदा होते हैं और पाकिस्तान इन जिहादियों का सरंक्षक है! पाकिस्तान में हिन्दुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के साथ जो हाल होता है, वो भी इसी धर्म कट्टरता का परिणाम है!

नीचे दी गई विडियो में भी एक मुल्ला इसी कट्टरता के बारे में बता रहा है! मुल्लाह ने कहा कि जो मुस्लिम काफिर हो जाते हैं, उन्हें 3 दिन के भीतर मार देना चाहिए!

साथ में ये भी कहा कि “पाकिस्तान अन्य धर्मों जैसे ईसाई, यहूदी या बुद्ध धर्म के लिए नहीं बना! केवल अल्लाह रसूल के लिए बना है!” मतलब इस्लाम में अन्य धर्मों के लोगों के लिए कोई जगह नहीं है!

देखिए मुल्ला ने कैसे इस बात को साफ़ कर दिया:

ये विडियो देखकर, भारत की ‘सेक्युलर फौज’ को कहीं दिल का दौरा ना पड़ जाए !

भारत में तो कई मंदिरों और सत्संगों में तो आपने लोगों को हरी भजन गाते सुना होगा! लेकिन, क्या आपने कभी किसी और देश में और वो भी एक इस्लामिक देश में मुस्लिमों को राम भजन गाते सुना है? आज हम आपको दिखाते और सुनाते हैं!

इस साल भारत और पाकिस्तान के बीच कई ऐसी घटनाएं घटी जिससे दोनों देशों के बीच दरार आ गई और उसके बाद हालात और भी बिगड़ गये! इन घटनाओं ने हिंदू-मुस्लिम के बीच फिर से तनाव पैदा कर दिया और तथाकथित सेक्यूलरों को फिर से बोलने का मौका मिल गया! ये ढोंगी सेक्यूलर दुनिया में हिन्दुओं की छवि खराब करने की कोशिश में लगे रहते हैं! लेकिन, अपनी इस कोशिश में ये कभी कामयाब नहीं हो पाते! दुनिया भर में लोग सनातन धर्म और हिंदू धार्मिक मंत्रों की तरफ आकर्षित हो रहे हैं!

भले ही ये जिहादी हिंदुत्व को मिटाने की लाख कोशिश करें, लेकिन अधिकतर मुस्लिम ही सनातन से जुड़ते जा रहे हैं!जैसे की नीचे विडियो में मुस्लिम देश सऊदी अरब में सभी मुस्लिम मिलकर हरी नारायणा और साईं नारायणा के भजन गा रहे हैं! जो भारतीय मुस्लिम शायद कभी न कर पाए!

भारत के सेक्युलर ज़रा दिल थाम कर ये विडियो देखिये:

जाते-जाते ओबामा ने किया धमाका…. PAK के पर कतरे।

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा अब बस कुछ ही दिनों के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति हैं। नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बहुत जल्द व्हाइट हाउस आने वाले हैं। ओबामा जाते-जाते कुछ ऐसे फैसले कर रहे हैं जिसका असर एशियाई देशों पर हो सकता हैं। पीएम मोदी और बराक ओबामा के दोस्ती को सभी जानते हैं लेकिन, पाकिस्तान को लेकर ओबामा प्रशासन का रुख काफी सख्त रहा हैं। जाते-जाते ओबामा ने साल 2017 के 618 अरब डॉलर के रक्षा बजट पर दस्तखत कर दिए हैं। अमेरिकी रक्षा बजट में जहां भारत के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है, वहीं पाक को दी जाने वाली अमेरिकी मदद के लिए कड़ी शर्तें रखी गई हैं।

 

जाते-जाते बराक बराक ओबामा ने ऐसा काम कर दिया हैं जिससे भारत बहुत खुश हैं जबकि पाकिस्तान के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई हैं।

रक्षा बजट पर ओबामा के हस्ताक्षर करने के बाद अब ये कानून बन गया हैं। बजट में अमेरिकी रक्षा मंत्री व विदेश मंत्री से भारत को अमेरिका के ‘प्रमुख रक्षा भागीदार’ के रूप में पहचान के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया है। जानकारों के मुताबिक, इससे अमेरिका और भारत के बीच ‘सुरक्षा सहयोग’ बढ़ेगा। दोनों देशों की एजेंसियों के बीच बेहतर कॉर्डिनेशन के जरिए अमेरिका-भारत रक्षा संबंधों को मजबूत करने, रक्षा क्षेत्र से जुड़े अधिग्रहण और तकनीक को मजबूत और सुनिश्चित करने के लिए अलग से किसी शीर्ष अधिकारी को नियुक्त किया जाए। इससे दोनों देशों के बीच लंबित मसलों को हल करने, सुरक्षा सहयोग बढ़ाने और साझा-उत्पादन के मौके बढ़ाने में मदद मिलेगी।

रेल में सफर करने वालों को मिली सौगात जिसे जानकर आप भी गर्व करेंगे प्रभु पर !

रेल मंत्री सुरेश प्रभु अपने मदद करने के अंदाज़ को लेकर हमेशा से ही सुर्खियों में रहते है। पहले भी उन्होंने रेल यात्रियों को आई परेशानी का तुरंत ही समाधान निकाला था। इस बार भी सुरेश प्रभु ने कुछ ऐसा ही किया है। सुरेश प्रभु इस बार इस रेल यात्री के लिए प्रभु बनकर सामने आए है।

आजकल लोग ट्विटर का इस्तेमाल भले ही राहुल गांधी के बयान में गलतियां और करीना के बेटे के नाम पर अपनी राय देने के लिए करते हो लेकिन रेल मंत्री ट्विटर का प्रयोग रेल्वे यात्रियों की समस्या को तुरंत निपटाने के लिए करते है। इस बार सुरेश प्रभु ने जो कर दिखाया है वो शायद और कोई नहीं कर सकता था।

दरअसल हुआ यूं कि अतुल ओझा नामक एक व्यक्ति की पत्नी डबल डेकर ट्रेन में यात्रा कर रही थी। वो अहमदाबाद जाने के लिए सफर कर रही थी। सफर के दौरान ही अचानक उन्हें मालूम हुआ कि उनका हीरे का पेंडेंट खो गया है। जब उन्हें ये मालूम हुआ तो पहले तो उन्होंने पूरे कोच में उसे ढूंढने की कोशिश की लेकिन खोज नहीं पाईं।

 

बाद में उन्हें ख्याल आया कि क्यों न ये बात पति अतुल ओझा को बताई जाए। उनके दिमाग में आए इसी आइडिया ने कमाल कर दिखाया। उन्होंने तुरंत अपने पति को इस पूरे वाकये के बारे में बताया। महिला के पति अतुल को जैसे ही पता लगा उन्होंने समय न गंवाते हुए तुरंत एक ट्वीट रेल मंत्री को कर दिया और ट्वीट में पूरी घटना को लिख दिया।

यहां पर अतुल ने तो ट्विटर का पूरा सही प्रयोग किया लेकिन रेल मंत्रालय ने भी अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोड़ी। रेल मंत्रालय ने पूरे 9 मिनट में अतुल ओझा के ट्वीट का जवाब देते हुए उनसे पूछा कि यात्री का पीएनआर नंबर और फोन नंबर क्या है। इसके बाद आठ मिनट में टीम उस ट्रेन में पहुंच गई।

टीम उस कोच में पहुंचकर पेंडेंट की खोज में जुट गई। आधे घंटे की मेहनत के बाद अतुल की पत्नी का हीरे का पेंडेट टीम ने ढूंढकर उन्हें वापस दे दिया। श्रीमान अतुल की पत्नी हो सकता है बहुत भाग्यशाली थी इसलिए उनका पेंडेट मिल गया लेकिन इस बात की गुहार खुद रेल्वे विभाग भी लगाता है कि रेल में कीमती सामान लेकर सफर न करें।

मात्र 9 मिनट में रेल मंत्रालय ने अतुल ओझा के ट्वीट का जवाब देते हुए उनसे यात्री का पीएनआर नंबर और फोन नंबर के बारे में पूछा. अगले आठ मिनट में टीम वहां पहुंच गयी और डायमंड पेंडेंट की खोज में जुट गयी. अतुल ओझा के पहले ट्वीट के आधे घंटे बाद ही उन्होंने ट्वीट किया कि टीम में से किसी व्यक्ति ने उनका पेंडेंट ढूंढकर उनकी पत्नी को वापस दे दिया है.

ख़ुशी की बात ये है कि यात्री को उनका कीमती सामान मिल गया, लेकिन इस बात का एक और पहलू ये है कि छेड़खानी, लूट और दूसरे अपराध या संकट के समय तो मदद की गुहार लगाना ज़रूरी है, पर हर छोटी-बड़ी दिक्कत के लिए रेल मंत्रालय को ट्वीट करना कितना सही है? मंत्रालय के पास और भी तो काम होंगे. बच्चे के लिए डायपर चाहिए या फिर पत्नी का पेंडेंट खो गया है, जैसा ट्वीट करना कितना ठीक है?

 

सुदर्शन न्यूज़ के सुरेश चव्हान के ने लगाईं अजाम खान की क्लास !

उत्तर प्रदेश में मुस्लिमो के कद्दावर नेता और मुलायम सिंह यादव के राईट हैण्ड माने जाने वाले आज़म खान आजकल चर्चा में हैं..

लोग दबी जबान से आज़म खान को उत्तर प्रदेश का कार्यकारी मुख्यमंत्री भी मानते है.. कहा जाता है मुस्लिम वोटबैंक के चलते मुलायम सिंह यादव ने आज़म खान को बेइज्जत करके निकालने के बाद खुद अपमानित होकर वापस भी बुला लिया था.. राजनीति में कोई किसी का हमेशा के लिए न तो दोस्त होता है न ही दुश्मन,,

आजकल सुदर्शन न्यूज़ के सुरेश चव्हान के पर भी महिला उत्पीडन केस दर्ज हुआ है लेकिन उससे उनके कट्टर हिन्दुत्ववादी चोले का रंग फीका नहीं पड़ा है

आपको बता दें अभी कुछ दिन पूर्व ही यूपी के कैबीनेट मंत्री आजम खान ने विवादित बयान देते हुए जनता को ही एहसान फरामोश ठहरा दिया था । लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा था कि जनता बहुत ही एहसान फरामोश होती है वह विकास का काम करने वालों को भी धूल चटा देती है। जैसा कि अतीत में कांग्रेस के मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के साथ हुआ। विकास के काम करने के बावजूद जनता ने उन्हें धूल चटा दी थी।

खैर इस विडियो में सुरर्शन न्यूज़ के एडिटर इन चीफ सुरेश चव्हान के ने अपने कट्टर हिन्दुत्ववादी बोलों के द्वारा आज़म खान को लपेटने को काफी कोशिश की.. लेकिन आज़म खान भी अपने कट्टर मुस्लिम वाली छवि से पीछे नहीं हटे.. देखिये दो ध्रुवीय विचारधाराओं का मुकाबला

 

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